tag:blogger.com,1999:blog-11728010.post3475384945603435903..comments2008-03-14T12:08:11.127+05:30Comments on I'm Vikash & this is my world...!: डूबते सुरज की कुछ तस्वीरेंविकास कुमारhttp://www.blogger.com/profile/01373877834398732074noreply@blogger.comBlogger7125tag:blogger.com,1999:blog-11728010.post-23504603654360605592008-03-14T12:08:00.000+05:302008-03-14T12:08:00.000+05:30विकास जी आप तो नये रंग चुनकर ला रहे हैं।विकास जी आप तो नये रंग चुनकर ला रहे हैं।prabhakarhttp://www.blogger.com/profile/13270855138365991859noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11728010.post-694070139369928802008-03-14T12:04:00.000+05:302008-03-14T12:04:00.000+05:30सुदर.... बहुत सुंदरसुदर.... बहुत सुंदरकंचन सिंह चौहानhttp://www.blogger.com/profile/12391291933380719702noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11728010.post-92136477001380097662008-03-13T22:06:00.000+05:302008-03-13T22:06:00.000+05:30इन चित्रों को देख अपनी एक पुरानी कविता याद आ गई हा...इन चित्रों को देख अपनी एक पुरानी कविता याद आ गई हालाँकि ये शूट उसे अभिव्यक्त नहीं कर पाएंगे। इसलिए लिख रहा हूँ शायद अब की बार वह कविता शूट हो जाए तो दोनों को एक साथ पेश किया जाए। <BR/>" उस ने आते ही <BR/>कटार मार दी <BR/>सूरज के सीने में <BR/>और रवि <BR/>रवि रक्त से<BR/>रक्त सा हो गया <BR/>हो गया साम्राज्य, फिर <BR/>उस क्रूर कलुषित रात्रि का <BR/>जिस की अग्रदूत <BR/>बन आई थी <BR/>वह निर्दयी सांझ <BR/>जिस की अग्रदूत बन<BR/>आई थी, वह निर्दयी सांझ......"<BR/><BR/>मुझे इस कविता के शूट की प्रतीक्षा रहेगी।दिनेशराय द्विवेदीhttp://www.blogger.com/profile/00350808140545937113noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11728010.post-34802777696880409242008-03-13T22:03:00.000+05:302008-03-13T22:03:00.000+05:30What a splendid sight!Bravo with your evenings ven...What a splendid sight!<BR/>Bravo with your evenings ventures at the lake side :)<BR/>(i know the smiley looks ridiculous, but hey...)Preeti Datarhttp://www.blogger.com/profile/11481048776579978836noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11728010.post-1500512930225552172008-03-13T21:45:00.000+05:302008-03-13T21:45:00.000+05:30लुक्खा फोटोग्राफरतस्वीर बनाये क्या कोई, क्या कोई ल...लुक्खा फोटोग्राफर<BR/>तस्वीर बनाये क्या कोई, क्या कोई लिखे तुझपे कविता :)<BR/><BR/><BR/>---सत्य वचन,,बालक..बाकी तो बढ़िया हहिये है..मेरे यह चौचक और सच की अभिव्यक्ति. :)Udan Tashtarihttp://www.blogger.com/profile/06057252073193171933noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11728010.post-15559464647406011612008-03-13T19:29:00.000+05:302008-03-13T19:29:00.000+05:30अच्‍छा है तुम्‍हारे हाथ में कैमेरा है बंदूक नहीं ।...अच्‍छा है तुम्‍हारे हाथ में कैमेरा है बंदूक नहीं । सूरज के साथ साथ खुद को शूट करने का मोह छोड़ नहीं पाए हंय । बहरहाल सारे सूरज अच्‍छे लगे आखिरी तस्‍वीर वाले सूरज पर ग्रहण लगा दिखा । फोटोग्राफर अच्‍छे बन सकते हो । सूरज हो गया अब चांद की बारी है ।yunushttp://www.blogger.com/profile/12193351231431541587noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-11728010.post-9376654374283073652008-03-13T19:23:00.000+05:302008-03-13T19:23:00.000+05:30कला को बस माध्यम चाहिये बाहर निकलने का ..केमेरा ही...कला को बस माध्यम चाहिये बाहर निकलने का ..<BR/>केमेरा ही सही अब !<BR/>और ये आखिरी तस्वीर कुद्द ’दूबते सूरज’ के अन्दर जमी नही ...Suryahttp://www.blogger.com/profile/07618955478153070399noreply@blogger.com