आज मैं कविता नहीं लिखूंगा
आज मैं कविता नहीं लिखूंगा
आज भाग जाऊँगा।
जो भी भावनाएं उमड़ेंगीं
जो भी अन्तस का उद्वेलन होगा
सबसे भाग जाऊँगा।
आंसुओं की क्रीडा
और हास्य का विलाप
सब कुछ अनदेखा कर दूँगा।
आज का वक्त
काव्य की व्यर्थ धारा में
बहने ना दूँगा।
आज का उजास दिन
भावात्मक विनिमय के नाम ना होने दूँगा।
आज भी 'कल' सा हो जाए
तो 'कल' का क्या होगा?
कल और कल के बीच के आज को
मैं काल के हाथों से खींच लूंगा
और भाग जाऊँगा।
आज भाग जाऊँगा।
जो भी भावनाएं उमड़ेंगीं
जो भी अन्तस का उद्वेलन होगा
सबसे भाग जाऊँगा।
आंसुओं की क्रीडा
और हास्य का विलाप
सब कुछ अनदेखा कर दूँगा।
आज का वक्त
काव्य की व्यर्थ धारा में
बहने ना दूँगा।
आज का उजास दिन
भावात्मक विनिमय के नाम ना होने दूँगा।
आज भी 'कल' सा हो जाए
तो 'कल' का क्या होगा?
कल और कल के बीच के आज को
मैं काल के हाथों से खींच लूंगा
और भाग जाऊँगा।

:)भागकर जाने को कोई स्थान है क्या?
घुघूती बासूती
कल और कल के बीच के आज को
मैं काल के हाथों से खींच लूंगा
और भाग जाऊँगा।
बहुत उम्दा, विकास.
... और आज मैं कविता पढूंगा, सुनूंगा, गाऊंगा, गुनगुनाऊंगा... :)
कौन से नये जूते खरीदे-वुडलैंड या रीबोक्…:)
apani bhavanaon se bhag kar jahan jaya jaa sakta ho us sthan ka naam hame bhi bataiyega ..ham bhi chalenge
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