एक और कोशिश
बहुत दिनों से मैं एक वेबसाइट के निर्माण मे व्यस्त था। अभी भी काम पूरी तरह से पूरा तो नहीं हुआ है, फिर भी इस योग्य हो गया है कि मैं सबके सामने परोस सकूं।
चूंकि मुझे कविता बहुत प्रिय है, अतः मेरे दिमाग मे कविताओं के लिए एक ऐसी वेबसाइट बनने की आकांक्षा थी जो भाषाई भेदभाव से परे हो। जहाँ हिन्दी भी हो, अंग्रेज़ी भी, तमिल भी हो, मराठी भी। कुछ लोगों के सहयोग एवं प्रोत्साहन से मेरी आकांक्षा को हकीकत का आकाश दिखा है। एक दृष्टि डालें: http://p4poetry.com
किसी भी तरह की टिपण्णी या सुझाव, सर आंखों पर।
वर्डप्रेस को आधार मानकर यह पूरा कार्य किया गया है। सो, वर्डप्रेस के निर्माताओं का आभार। साथ ही रेणू जी, प्रीती एवं राज सर को भी कोटि कोटि धन्यवाद, जिनके बिना मेरे लिए यह कार्य असंभव था।

5 टिप्पणियाँ:
वाह आप लोगों की मेहनत सार्थक है. यह बहुत सुंदर और सुरुचिपूर्ण वेबसाइट है. इसमें "क्या-क्या रखना है" से ज़्यादा "क्या नहीं रखना है" का सावधान दृष्टिकोण स्पष्ट होता है. अभी चूँकि सुझाव नहीं माँगे गये हैं शायद इसलिये नाक नहीं घुसेड रहा हूँ.
पूरी टीम को बधाई पहुँचे.
क्षमा करें.ध्यान दिया कि सुझाव माँगे गये हैं.सुझाव ये है कि भाषा की दृष्टि से आपने जो हिंदी, अंग्रेज़ी, तमिल और $%#&** भाषाओं का बंधन रखा है, वह न रखें.
पढ़ती तो हमेशा से रहती हूँ और आवाज़ ने भी बहुत प्रभावित किया है. इस नई कोशिश को देखकर आज आशीर्वाद और शुभकामनाएँ लिखित रूप में दर्ज कर रही हूँ.
is naye pryas ki badhai.
abhi try kiya par site hi nahin khul rahi hai.
Do you understand your critical appreciation is not welcomed everywhere???
And do know any language other than hindi?
What the fuck man... your webpage display sucks... that too big time.
You are a writer right? Philosophical and all???
Must be thinking that you have deep thoughts to evry topic ??? rite?
So... can you help me out with this... ???
Why do creepy people like you are born man? You know... you will be humped impossibly by niggers if they find you in an empty street..
.!.
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