19 January, 2008

अद्भुत प्रेम

शब्द भले ही ना हों पास, प्रेम का लेकिन है अहसास

3 टिप्पणियाँ:

प्रभाकर पाण्डेय said...

सुंदर । अति सुंदर। चित्र ही बयाँ कर रहा है जीवन की सच्चाई।

Mired Mirage said...

सुन्दर! इसके बाद शब्दों की आवश्यकता ही कहाँ रह गई ?
घुघूती बासूती

Pramod Singh said...

ओह? ओहोहो!

"Magical Template" designed by Blogger Buster