सर्दियों का मौसम

ठंड हो गयी है.
फिर से सर्दियों का मौसम आ गया.
गर्म कमरे से बाहर निकलते ही
तुम्हारी यादें नश्तर की तरह
हड्डियों में समाने लगती हैं.
थोड़ा असर शायद हवाओं में भी होगा.

लेकिन यह मौसम वैसा नहीं है
मेरी ठंडी उंगलियाँ -
तुम्हारे होठों की गरमी के बिना
सूज गयी हैं.

देखो ना!
अब कवितायें कहाँ लिख पाता हूँ?
लिखने की कोशिश करते ही,
उँगलियों की ठंड
बाजुओं से होती हुई
दिल में समा जाती है.
मानों, इनका आपस में समझौता हो
ठंड बाँटने का.
और एक अनकहा सा वादा हो
दर्द साथ सहने का.

वादे से याद आया -
वो वादा, जिसकी लाश बची है सिर्फ़
जिसका एक हिस्सा तो तुमने जला दिया था
गर्मियों के आते ही.
(आखिर लाश देर सवेर बदबू जो देती है)
लेकिन दुसरे को मैंने सहेज कर रखा था.

मैं थोड़ा डरा भी.
सच!
कहीं वादे की सड़ाँध मेरी जान ना ले ले.
और फिर मैं ऊबकर उसे जला ना दूँ.
लेकिन शुक्र है.
फिर से सर्दियों का मौसम आ गया.
अब वो हिस्सा सुरक्षित है.
मैं चैन से तुम्हारी यादों में
बेचैन हो सकूँगा.

लेकिन यही ठंड तो तुम्हारे यहाँ भी होगी?
सो अपना खयाल रखना.
अगर प्रेम का अवशेष बचा हो
तो जलाना, आग सेंकना
थोड़ी सी गरमी देकर खत्म हो -
बेबस पातंगिक प्रेम और क्या चाहेगा?

4 टिप्पणियाँ

Make A Comment

Gaurav Verma said...

i can say only one word ...beautiful .


Bob said...

your BLog was added to the list at http://dreadbob.blogspot.com/2007/05/listing-of-awesome-blogs-on-web.html it' at no. 295 ......thnk you very much...


Udan Tashtari said...

बहुत सुन्दर रचना है. बधाई.


vartika said...

bahut hi sunder rachna hai vikash ji... jaane kaun se pitare se nikalte hain har baar aam si lagne waali ghatnaon par naye nazariye aur nayi nayi kavitaen.... sardi ki thand ka itna interesting aur novel description...gud hai...sachmein sardi ki thand maare na maare par aapki kavita ki aakhiri pankti,

"थोड़ी सी गरमी देकर खत्म हो -
बेबस पातंगिक प्रेम और क्या चाहेगा?"

to pathakon ko maar hi daalegi....[:)]

Post a Comment


  • मेरे बारे में

    My Photo
    विकास कुमार
    मैं एक स्वप्नद्रष्टा हूँ. हर वक्त सपने देखने का साहस करता हूँ और उन्हें सच मानने की मूर्खता. मुझमें असंभव की आकांक्षा है और मैं जीवन के अध्ययन में प्रयत्नरत हूँ.
    View my complete profile
top