बौलीवुड मच्योर हो गया??
पुणे से लौटने के बाद मैंने बहुत सारी फ़िल्में देखीं। देशी विदेशी तकरीबन १२-१३ तो देख ही ली होंगी। हाल फिलहाल की सारी फ़िल्में देखने के बाद मुझे ऐसा डर लग रहा है की अपना बौलीवुड मच्योर हो रहा है। हालांकि अभी भी 'आपका शुरूर' जैसी चीजें हैं परंतु एक नयी तरह की फिल्मों का दौर आ चुका है, जिसपे आने वाला समय नाज कर सकता है।
मैं फिल्मों का विशेषज्ञ नहीं, बस अपने मन की बात कह रहा हूँ। 'Being Cyrus' देखने के बाद भी मुझे ऐसी ही कुछ अनुभूति हुई थी। यद्यपि वह फिल्म नही चली लेकिन मुझे पुरा विश्वास हो गया की अब हमारे यहां भी वर्ल्ड क्लास सिनेमा बन सकता है। 'लाइफ इन अ मेट्रो' की बात नही करूंगा! कम बजट वाली bhejaa fry को भी मैं कुछ नही कहता। दोनों फ़िल्में अच्छी थी, थोड़ी चली भी। लेकिन 'Music and Lyrics', 'The Holiday', 'Little miss sunshine', 'Prestige', 'The Illusionist जैसी तो नही थीं।
जिन फ़िल्मों ने मुझे रिझाया, उन्होने खासा बिजनेस किया हो तो मुझे नहीं पता। लेकिन एक बात जरूर है की इन्पे नयापन कूट कूट के भरा था। कुछ बताऊंगा नही। जिन्हे देखना हो देख लें। The Namesake और स्वामी।
नॉट: हलकी फुलकी फ़िल्में पसंद करने वाले इसे ना देखें। बोर हो जायेंगे।
मैं फिल्मों का विशेषज्ञ नहीं, बस अपने मन की बात कह रहा हूँ। 'Being Cyrus' देखने के बाद भी मुझे ऐसी ही कुछ अनुभूति हुई थी। यद्यपि वह फिल्म नही चली लेकिन मुझे पुरा विश्वास हो गया की अब हमारे यहां भी वर्ल्ड क्लास सिनेमा बन सकता है। 'लाइफ इन अ मेट्रो' की बात नही करूंगा! कम बजट वाली bhejaa fry को भी मैं कुछ नही कहता। दोनों फ़िल्में अच्छी थी, थोड़ी चली भी। लेकिन 'Music and Lyrics', 'The Holiday', 'Little miss sunshine', 'Prestige', 'The Illusionist जैसी तो नही थीं।
जिन फ़िल्मों ने मुझे रिझाया, उन्होने खासा बिजनेस किया हो तो मुझे नहीं पता। लेकिन एक बात जरूर है की इन्पे नयापन कूट कूट के भरा था। कुछ बताऊंगा नही। जिन्हे देखना हो देख लें। The Namesake और स्वामी।
नॉट: हलकी फुलकी फ़िल्में पसंद करने वाले इसे ना देखें। बोर हो जायेंगे।

नागेश कुकूनूर कि तीन दीवारें देख रहा हूं फ़िलहाल मै, आधी देखी है मैने!!
हट कर, बढ़िया फ़िल्म है, पता नही आपने देखी है या नही!
MAINE DEKHI HAI.
bahut hi strong script hai. :)
'Being Cyrus' मुझे भी बहुत पसंद आई थी. स्वामी देखने की तैयारी है. :)
हमारा Bollywood अभी मैच्योर नहीं वरन पैदा ही नहीं हुआ है… The Most Uneducated people r treating all this जिन्हें पता ही कि सिनेमा किसे कहते है आपने जो hollywood सिनेमा का नाम लिया वह तो बेहतरीन है… अब तो हम और भी नीचे आ गये है जब विमल राय…रित्विक घटक…मनि कौल आदि ने कुछ बहुत उम्दा सिनेमा बनाया था…।
i guess u rt vikas.........
1 cant directly compare holly n bolly wood.... as India has its own essence.
the films u suggested...no doubt they r better than the one we generally found in hardcore commercial cinema...unfortunately i happened to c a veryu few of them as these movies r not readily available here in GHy...
i was looking for the one suggested by sameer bhaiya, but did nt find here!
but i also feel...agar ham core commercial movies ko rehne de our ye offtrack realistic cinema ko dekhe to hame nihsandeh comparitively achhi movies
milengi..
:)
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