मेरी आवाज सुनो
आज कुछ लिखने की इच्छा नही थी और इत्तेफाक से साइबर कैफे मे माइक था। तो बहुत दिनों के बाद मैंने अपनी आवाज रेकॉर्ड की है। :)
यहाँ सुनें: http://vikash.mypodcast.com/2007/06/post-24457.html
यहाँ भी : http://vikash.mypodcast.com/2007/06/post-24459.html
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सुन ली जनाब.वजनदार आवाज में वजनदार कविता. बधाई.
तुम्हारी आवाज बहुत सुंदर्…साथ में कविता तो तुम अच्छी लिखते ही हो…। अच्छा लगा सुनकर।
विकास इत्त्ती अच्च्च्छी आवाज़ पर रीवर्ब क्यों डाला भाई । सुंदर कविता और सुंदर आवाज़ के साथ ज्यादती करने का कोई हक़ नहीं है तुमको । फिर भी बधाई तो ले ही लो । आइंदा रीवर्ब डाला तो हमें वहीं आकर तुमको समझाना पड़ेगा, इशारा समझ गये ना । ऑर्केस्ट्रा नहीं है कविता है ।
धन्यवाद। दिव्याभ जी, समीर जी!
यूनुस जी! अभी बच्चा हूँ ना...! आवाज के साथ खेलने का ज्ञान कम है। आपकी सलाह का ध्यान रखूंगा। आशा है कि आपसे टिप्स मिलते रहेंगे। ;)
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